144/2026, बाल कहानी- 21 अगस्त

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 144/2026
*21 अगस्त 2026 (शुक्रवार)*
#बाल_कहानी - #भेड़िया_की_हार
----------------------

एक जंगल में सभी जानवर बड़े प्यार से रहते थे। दूसरे जंगल से एक भेड़िया आकर वहाँ बस गया। उसने देखा कि यहाँ सभी जानवरों में बहुत प्यार है। उसने एक-दूसरे के मन में मन-मुटाव करने की नीति बनायी। सबसे पहले उसने गाय और भैंस को बुलाया और कहा कि, "आप इन सभी को दूध न दें सिर्फ अपने बच्चों को पिलाकर रखें।" उनके मन में इस तरीका की बात कर दी कि अब सभी जानवर बिना चाय के रहने लगे। 
अगले दिन बकरी से बोला, "तुम भी अपना दूध नहीं दोगी।" वह भी बातों में आ गई और जो तीनों से दूध बच रहा था, उसने एक दुकान खोल ली और बिकने लगा। अब जो गरीब जानवर थे, उनके पास तो पैसे नहीं थे। वह सभी सोच में पड़ गए कि अपने बच्चों को दूध कैसे पिलाएँ? वह सभी लोमड़ी के पास गये और सारा हाल बताया। तब लोमड़ी ने एक तरकीब निकाली और एक सभा बुलायी। अपने घर पर सभी के सामने बड़ा बर्तन रख दिया और उसमें छोटे से महादेव बाबा रख दिए और कहा कि, "मेरे सपने में भगवान आये थे और उन्होंने कहा कि जो इसमें दूध डालेगा, वह धनवान हो जाएगा।" सारे जानवर तो बड़े सीधे थे, उन्होंने ऐसा ही किया। देखते ही देखते रोजाना पूरा बर्तन भर जाता और लोमड़ी सभी को वह दूध प्रसाद के रूप में दे देती थी। इधर भेड़िया बड़ा परेशान था क्योंकि उसका दूध बिक नहीं रहा था। उसने देखा कि सभी जानवर बड़े खुश नजर आ रही हैं और दूध भी पी रहे हैं। तब सभी जानवरों ने एकजुट होकर भेड़िया को भगा दिया और फिर से बड़े प्यार के साथ रहने लगे। भेड़िया अपनी हार मानकर वहाँ से भाग गया। तब लोमड़ी ने सभी से कहा कि, "हमें किसी की बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।" सभी ने लोमड़ी की बात को माना और खुशी-खुशी रहने लगे। 

#संस्कार_सन्देश -
आपके घर-परिवार में यदि बाहर वाला आकर किसी की बुराई करें तो किसी की बातों में न आएँ, जिससे एक-दूसरे के प्रति स्पर्धा मन मुटाव न हो। 

कहानीकार-
#पुष्पा_शर्मा (शि०मि०)
पी० एस० राजीपुर अकराबाद, अलीगढ़ (उ०प्र०)
 
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

Comments

Total Pageviews