मेरे सपनों की उड़ान
मेरे सपनों की उड़ान,
मुझे ले जाती है उस जहान,
जहाँ मैं स्वच्छंद पक्षी बनकर,
फैला सकूँ आकांक्षाओं के पर।
जहाँ न हो बेटे बेटी का भेद,
शादी ना हो गुड्डे गुड़िया का खेल।
* * *
मेरे सपनों की उड़ान...
मुझे ले जाती है उस जहान,
जहाँ न हो सिर्फ बस्ते का बोझ,
विद्यालय न दें कारागार की सोच।
जहाँ अच्छा लगे रोज जाना हमें,
मिलके पढ़ना व रहना सीखना हमें।
* * *
मेरे सपनों की उड़ान,
मुझे ले जाती है उस जहान
जहाँ न हो भावनाओं से खिलवाड़
मिले ना कभी आतंकियों को आड़।
जहाँ मिलकर रहें सारे धर्मों के लोग
छू ना सकें दुःख, अशांति और रोग।
* * *
मेरे सपनों की उड़ान......
मुझे ले जाती है उस जहान।
रचयिता
मीनू जोशी,
सहायक अध्यापक,
राजकीय कन्या जूनियर हाई स्कूल चौसाला,
जनपद-अल्मोड़ा,
उत्तराखण्ड।
मुझे ले जाती है उस जहान,
जहाँ मैं स्वच्छंद पक्षी बनकर,
फैला सकूँ आकांक्षाओं के पर।
जहाँ न हो बेटे बेटी का भेद,
शादी ना हो गुड्डे गुड़िया का खेल।
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मेरे सपनों की उड़ान...
मुझे ले जाती है उस जहान,
जहाँ न हो सिर्फ बस्ते का बोझ,
विद्यालय न दें कारागार की सोच।
जहाँ अच्छा लगे रोज जाना हमें,
मिलके पढ़ना व रहना सीखना हमें।
* * *
मेरे सपनों की उड़ान,
मुझे ले जाती है उस जहान
जहाँ न हो भावनाओं से खिलवाड़
मिले ना कभी आतंकियों को आड़।
जहाँ मिलकर रहें सारे धर्मों के लोग
छू ना सकें दुःख, अशांति और रोग।
* * *
मेरे सपनों की उड़ान......
मुझे ले जाती है उस जहान।
रचयिता
मीनू जोशी,
सहायक अध्यापक,
राजकीय कन्या जूनियर हाई स्कूल चौसाला,
जनपद-अल्मोड़ा,
उत्तराखण्ड।

Bahut sunder rachna Didi.... namaskar
ReplyDeleteBeautiful poem
ReplyDelete👌👌👌👌👌
ReplyDeleteBahut sunder rachana Didi👌👌👌👌👌
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