एक विजेता की तरह सोचना

जब भी सोचना
एक विजेता की तरह सोचना
खुद पर करके विश्वास
एक प्रश्न स्वयं से पूछना
क्या मैं विजेता हूँ?
असम्भव नहीं सम्भव है
इस प्रश्न को सार्थक करना
जब भी सोचना
एक विजेता की तरह सोचना।

विचार न आने पाए नकारात्मक
बस रहे एक लक्ष्य 
असफल नहीं सफल है हम
अनुमति न देना कभी डर को
मस्तिष्क में आने की
बस स्थिति को दृढ निश्चय से
खुद से खुद की पहचान कराना
जब भी सोचना
एक विजेता की तरह सोचना।

तुम विजेता हो विजेता ही रहोगे
गलती करने वाले को
अपनी शक्ति से, अपनी करुणा से
माफ़ करके आगे बढ़ना
 भुलाकर अतीत के अंधकार को
प्रकाश पुंज बन कामयाबी की
जीवन को बेहतर करना
जब भी सोचना
एक विजेता की तरह सोचना।

रचनाकार
रुखसाना बानो,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय अहरौरा,
विकास खण्ड-जमालपुर,
जनपद-मीरजापुर।

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