पाॅवर एंजेल गर्ल
मीना मंच में एक "पाॅवर एंजेल" होती है,
जैसा नाम है उसका, काम वो वैसा करती है।
आदर कर बड़ों का, स्नेह सदा ही पाती है,
कर सहायता छोटों की, प्यार से समझाती है।।
साफ-सफाई करती वह, पौधों को देती पानी,
हर काम में हाथ बँटाती, वह तो बड़ी सयानी है।
अपने शिक्षक से वह पढ़ती, सेल्फ़ स्टडी भी करती है,
स्कूल में सीखीं अच्छी बातें, घर में सबको बताती है।।
प्राणायाम योग व आसन, नित्य प्रात ही करती है,
चित्र कला हो या लेख कला, प्रतिभाग सभी में करती है।
आत्मरक्षा की कला सीख कर,
सबको फिर सिखलाती है।।
दादा-दादी से सुनती है, अनुभव उनके जीवन के,
जो लगते हैं प्रेरक उसको, डायरी में फिर लिखती है।
हाथ धोती मास्क लगाती, सोशल डिस्टेंसिंग अपनाती है,
महामारी के इस दौर में, सीख सभी को देती है।।
रचयिता
सरिता तिवारी,
सहायक अध्यापक,
कम्पोजिट विद्यालय कन्दैला,
विकास खण्ड-मसौधा,
जनपद-अयोध्या।

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