कारगिल विजय दिवस
आओ आज कारगिल विजय दिवस मनाएँ।
शहीदों कोअपने श्रद्धा सुमन चढ़ाएँ।।
प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि की करी रक्षा।
पराक्रम देखकर दुश्मन माँगे प्राणों की भिक्षा।।
मातृभूमि जिनको थी जान से प्यारी।
उनको लगती जन्मभूमि सबसे न्यारी।।
अपने लहू से सींच दिया देश का हर कण।
शीश नहीं झुकने देंगे, लिया यह प्रण।।
ऐसे रणबाकुरों को आज शत-शत नमन।
पूरा देश करे उनको पुष्पों से अभिनन्दन।।
विश्व में होती इनकी बहादुरी की ख्याति।
न जाने कितने पुरुस्कार की होती प्राप्ति।।
परिवार के सदस्य भी तो होते वीर हैं।
अपने जिगर के टुकड़ों को खोकर रहते गंभीर हैं।
दुश्मनों को धूल चटाकर आज इतिहास लिखते।
आओ इन वीरों को आज श्रद्धा सुमन चढ़ाएँ।।
रचयिता
सीमा अग्रवाल,
सेवानिवृत्त सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हाफ़िज़पुर उबारपुर,
विकास क्षेत्र - हापुड़,
जनपद - हापुड़।
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