११~ मेरा विद्यालय, मेरा गौरव🏡 रा ० आ ० प्रा ० विद्यालय चोपता, नारायबगड़ (चमोली)

 * मेरा विद्यालय, मेरा गौरव *


👉1-) विद्यालय का नाम: रा रा ० आ ० प्रा ० विद्यालय चोपता, नारायबगड़ (चमोली) 




👉3-) विकासखण्ड मुख्यालय 26 किमी दूरी है। यह प्राथमिक विद्यालय दो गांवों चोपता और तुनेड़ा का सम्मिलित विद्यालय है। इसकी विविध उपलब्धियों के कारण 2016 में इसे आदर्श विद्यालय के रूप में चयनित किया गया।

-4-) छात्रों की उपलब्धि - रा आ प्रा विद्यालय चोपता के छात्रों का लक्ष्य - विभिन्न पैटर्नेक्षों में निम्नलिखित आगे है।
👉a-) शिक्षा के क्षेत्र में - कई वर्षों से छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हुए हैं,

son 2014son 2014-15 -93] हेमलता और तेजपाल का नवोदय विद्यालय पीपलकोटी के लिए चयन।
▶ का2015-16 - कु ० मोनिका का हिमज्योति फाउंडेशन देहरादून, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय गैरसैंण के लिए चयन, इसी वर्ष कु ० स्मिता का नवोदय विद्यालय पीपलकोटी और राजीवगांधी नवोदय विद्यालय के लिए चयन।
▶ चयन2018-19 आदित्य सिनवाल कुक चयन नवोदय विद्यालय पीपलकोटी, वैभव रावत और करन फिरा का चयन राजीवगांधी नवोदय विद्यालय गैरसैंण के लिए चयन हुआ।
▶ हिम 2019- 20 कु ० प्रीति का हिमालय फाउंडेशन देहरादून के लिए चयन हुआ। 



👉B-) क्रीड़ा के क्षेत्र में - 2016-17 कु ० आयुषी ने जनपद स्तर पर एथलेटिक्स में प्रतिभाग कर रजत पदक पर कब्जा किया।

▶ कु2018 -19 कु 0 प्रिया और कु 0 प्रियंका ने ग्रुप गेम खो दिया - खो में जनपद स्तर पर गाइड।
▶ छात्रोंजनपद और विकासखण्ड स्तर पर छात्रों द्वारा सपनों की उड़ान, भाषा मैथ्स विजार्ड में स्थान प्राप्त किया गया।)
👉C-) पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में -
️ --AMay - समय पर सामुदायिक सहयोग, छात्र, अद्यापकों के सहयोग से फलदार वृक्ष, चारापत्ती वृक्ष, सौंदर्यीकरण हेतु वृहद वृक्षारोपण किया जाता है।
▶ ▶बागवाणी हेतु सुंदर कयारों का निर्माण किया गया है। ▶ है कॉलेज में ईको क्लब का गठन किया गया है, जिसे 4 समूहों में विभक्त किया गया है। इसमें छात्रों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गयी हैं।
▶ ▶vi 0 सी 0 दरवान सिंह नेगी जी की स्मृति में लगने वाले शौर्य महोत्सव में बच्चों द्वारा बाल शोध मेले में स्थानीय बीजों के संरक्षण, फलदार और औषधीय पौधों की उत्पादकता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है पर बाल शोध घाटी के आयोजन किया गया है।



👉D-) स्कॉटलैंडिंग / रेडक्रॉस: - विद्यालय में छात्रों को योगाभ्यास, क्राफ्ट सम्बन्धी कार्य, आपदा से बचने के लिए काशलों को सिखाया जाता है।
👉E-) समाजोपयोगी कार्य - सेवित क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, जन जागरूकता अभियान, स्थानीय मेले में आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट भागीदारी कर समाज मे सरकारी विद्यालयों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का निर्माण किया जाता रहा है।
👉5-) विद्यालय प्रबंधन समिति / स्थानीय समाज द्वारा दिया गया था सहयोग -
▶S ० एम ० सी ० सी ० अध्यक्ष श्री यशवंत सिंह रावत द्वारा प्रत्येक अभिभावक, क्षेत्रीय जनता को जागरूक कर शशक्त एस ० एम ० सी ० बनाया है। उनके द्वारा विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं के संचालन के लिए प्रोजेक्टर ढिया गया है और विद्यालय की छोटी मोटी अवशिष्टताओं की पूर्ति एवं विद्यालय के जमीनों की रजिस्ट्री का खर्च संसाधनों किया गया है।
ेंद्र ▶ कॉलेज के लिए श्री हरेंद्र सिंह रावत जी ग्राम तुनेड़ा द्वारा डेढ़ खंड भूमि दान किया गया।
▶ ग पूर्व उप प्रमुख नारायबगड़ श्री गम्भीर नेगी जी द्वारा विद्यालय को एक लैपटॉप दो दरियाँ, स्पोर्ट्स ड्रेस, उपलब्ध करवाई गई।
▶ सिंह कॉलेज प्रवेशद्वार का निर्माण श्री बालम सिंह नेगी जी द्वारा किया गया।
▶ ▶सुशी एस ० एम ० सी ० सदस्य, अभिभावक, क्षेत्रीय जनता, जनप्रतिनिधियों द्वारा समय समय पर अत्यधिक सहयोग मिलता है। 



👉6-) राष्ट्रीय मेलों, राजकीय कार्यक्रमों का कार्यान्वयन -
सभी राष्ट्रीय और राजकीय त्योहारों को हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस हेतु समुदाय का सहयोग लिया जाता है।
👉7-) शिक्षकों का विवरण-
श्री नरेन्द्र भंडारी - प्र ० प्र ० प्र ० अ ० (२०१३ से वर्तमान तक)
श्री गजपाल नेगी -स ० अ ० (२०१ वर्तमान से वर्तमान तक)
श्री परमानन्द सती! स ० अ ० (२०१६ ) वर्तमान तक वर्तमान श्री
अंजली रतूड़ी - स ० अ ० (२०१६) तक)
श्रीमती मीनाक्षी रावत- (2000 से छात्रहित में योगदान देने के लिए समुदाय द्वारा चयनित शिक्षिका के रूप में कार्य कर रहे हैं।)

👉8-) विद्यालय में उपलब्ध भौतिक संसाधन-
️ पर्याप्त कॉलेज में पर्याप्त पानी की सुविधा के लिए पानी का टैंक, तकता पीने के पानी के लिए प्यूरीफायर लगा है।
▶ लिएबालक, बालिका, स्टाफ के लिए अलग - अलग शौचालय हैं।
▶ ▶स्मार्ट क्लास के लिए अलग से कक्ष है।
▶️विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्र, खेल  और व्यायाम सामग्री पर्याप्त मात्रा में है।
👉9-) विद्यालय परिसर का विवरण(किचन गार्डन, झूले, क्रीड़ास्थल आदि) -*  

▶️विद्यालय परिसर में टाइल्स लगी हैं।
▶️छात्रों की सुरक्षा हेतु सुरक्षा दीवार बनी है।
▶️परिसर में चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण निर्माण करने के लिए महान पुरुषों की शुक्तियाँ,उनके विचार तथा विभिन्न प्रकार के चित्र बने हैं।
▶ ▶ बच्चों के लिए एक गोल मेज चियर का निर्माण भी किया गया .जिसमे विभिन्न रंगों से चित्र बनाये गए ।)       
एमअन्य-
विद्यालय में कम्युनिटि , एस 0 एम 0 सी 0 के सहयोग से विद्यालय को भौतिक, शैक्षिक रूप से सम्पन्न करने के लिए एक कल्याण कोष का गठन किया गया है। जिस राशि को विद्यालय द्वारा छत्रित हेतु प्रयोग किया जाता है।
पूर्व में सेवा दे चुके श्री कुंदन सिंह नेगी जी (प्र ० अ ०२०), श्री मनवर रावत, श्री लखपत सिंह रावत जी द्वारा जो आदर्श विद्यालय के लिए वातावरण निर्मित किया गया था उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए विद्यालय को बेहतर बनाने से बेहतर बनाने की कोशिश की। ओर सम्पूर्ण विद्यालय परिवार प्रयासरत है।

विशेष सहयोग और मार्गदर्शन श्री खुशाल सिंह टोलिया (उप शिक्षा अधिकारी नारायबगड़) द्वारा समय समय पर मिलता रहा है।

सहयोग / समापनकर्ता: हर्षवर्धन जमलोकी
टीम मिशन शिक्षण उत्तराखंड 

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