थल सेना दिवस

थल सेना के हम जवान,

दुश्मन से कभी ना डरते हैं

चौकीदार हैं हम भारत के,

सरहद की चौकसी करते हैं।


कड़कड़ाती सर्दी हो या,

हो गर्मी कितनी भीषण।

आंधी आए या आए तूफ़ान,

हम कभी ना छोड़ें अपना रण।


फौलादी सीने को अपने,

भारत माँ की ढाल बनाते हैं।

अपनी भुजाओं के दम पर,

दुश्मन को धूल चटाते हैं


शीश कटे तो कट जाए,

मातम ना कभी मनाते हैं।

भारत माँ की रक्षा को,

हम अपनी जान लुटाते हैं।


रचनाकार

सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।





Comments

Total Pageviews