खुशी-खुशी नव वर्ष मनायें
खेतों में फसलें लहरायें
बच्चे बूढ़े सब हर्षायें
नौजवान सब साधन पायें
गीत सुरेले जन जन गायें
खुशी - खुशी नववर्ष मनायें।
अंधकार छट जाए सारा
कोई फिरे न मारा - मारा
सदा रहे घर सबके रौनक
ऐसी मन में सोच जगायें
खुशी - खुशी नववर्ष मनायें।
बाग - बगीचों में हरियाली
लदे फलों से डाली - डाली
सुखी रहे यह जीवनधारा
मंजिल की चोटी चढ़ जाएँ
खुशी - खुशी नववर्ष मनायें।
पूरी हो हर मन की आशा
कोई रहे न भूखा प्यासा
सत्कर्मों की राह पकड़कर
अपना जीवन सफल बनायें
खुशी - खुशी नव वर्ष मनायें।
राष्ट्र हमारा गौरवशाली
दुनिया में सबसे बलशाली
विश्वगुरु पहचान अनोखी
आओ मिलकर इसे बनायें
खुशी - खुशी नववर्ष मनायें।
रचयिता
नीता पन्त,
प्रभारी प्रधानाध्यापक,
राजकीय जूनियर हाईस्कूल दडमाड़,
विकास खण्ड-द्वाराहाट,
जनपद-अल्मोड़ा,
उत्तराखण्ड।
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