राष्ट्रीय युवा दिवस
सुनो युवाओं शांत न बैठो,
कुछ ऐसा कर जाओ।
मानवता की विजय पताका,
दुनिया में फहराओ।।
नई ऊर्जा नई उमंग से,
सतत यहाँ पर कर्म करो।
तोड़ दो बाधाओ को,
मन में कभी न दर्प धरो।।
त्याग कर आलस्य मन से,
नाप लो नभ के छोर।
मिट जाएगा तिमिर कष्ट का,
खुशिया होंगी चहुँओर।।
आशा की ज्योति जलाकर मन में,
तुम लिखो विजय के छंद।
देशभक्ति के भाव जगाकर,
यहाँ तुम बनो विवेकानंद।।
रचयिता
अशोक कुमार,
सहायक अध्यापक,
कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय रामपुर कल्याणगढ़,
विकास खण्ड-मानिकपुर,
जनपद-चित्रकूट।

Comments
Post a Comment