नूतन वर्ष की शुभ बेला
फूलों की ख़ुशबू के संग,
चिड़ियों की चहचह के संग,
नूतन वर्ष की शुभ बेला का,
करें स्वागत हम भर उमंग|
नया वर्ष यह दो हज़ार इक्कीस,
दे हम सबको अपना आशीष,
महका दे हम सबका जीवन,
खुशियों भरा हो हर घर आँगन|
दुआ जो माँगें कर दे पूरी,
न रह जाए कोई इच्छा अधूरी|
दुख बीमारी सब हो दूर,
सुख समृद्धि हो भरपूर|
महामारी दूर हो जाए,
लौटकर फिर कभी न आए,
स्वस्थ रहे हर व्यक्ति विशेष,
मिट जाए संसार से क्लेश|
रिमझिम खुशियों की फुहार,
हो सर्वत्र प्यार ही प्यार,
है ईश्वर से यही कामना,
मंगलमय हो नव वर्ष अपना
रचयिता
नौरीन सआदत,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसौरा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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