नव वर्ष
नया वर्ष है नई उमंग है
नया जोश है कुछ करने को
शिक्षा, शिक्षक दो स्तम्भ हैं
ज्ञान के दीप जलाने को
आओ मिलकर प्रण हम कर लें
गीतों में सार बना करके
मिशन की आशाओं उन्नति का
पाठ पढ़ाएँ जन-जन को
नई किरण की नई रौशनी
हर पल फैले चहुँओर
गाँव-गाँव का बच्चा हो सक्रिय
ज्ञान की गंगा बहती अविरल
आओ हम नए लक्ष्य बनाएँ
नए आदर्शों के साथ रहें
नए विचारों के संग्रह को
शिखर तक पहुँचा जाएँ।
नया वर्ष है नई उमंग है
नया जोश है कुछ करने को
बाधाओं से न घबराकर
आओ चल दें एक नई ओर
रचयिता
हिमांशी यादव,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर,
विकास खण्ड-सफीपुर,
जनपद-उन्नाव।

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