स्वामी जी शत-शत अभिनंदन

कलकत्ता के सिमूलिया नामक पल्ली में

बारह जनवरी को हुआ था जन्म

नरकुल के इंद्र नरेंद्र, प्रतिभावान स्वामी विवेकानंद

मात-पिता की अमिट छाप थी, 

भारत- भू को जिनकी आस थी

जीवन भर जग सजग बनाया

वेदांत आदर्श सबको सिखलाया

जिनके बल पर देश जगा

नव- जागरण व शिक्षा का स्पंदन

आज अवतरण दिवस पर

हे प्रखर गुरु शत-शत वंदन।

गुरु जी श्री रामकृष्ण देवतुल्य

शिष्य को ज्ञान अपार दिया

शिष्य ने भी गुरु कृपा से

निज व्यक्तित्व निखार लिया

शिकागो की धर्मसभा में जब

आपने व्याख्यान दिया था

ओजस्वी, सार्थक विचार- भावों ने

श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया था

वेदांत रत्न, दर्शन की निधि को

वसुधा में वितरित कर दिया

अतुलनीय, अनमोल वचनों को

सुनकर जग हर्षित हो गया।

हृदय सम्राट ने बड़े सुधारकों संग

जातिवाद समाज से हटाया

कुसंस्कारों, बुरी नीतियों पर

प्रबल हो कुठाराघात किया।

सर्वप्रिय, हे लोककल्याणकारी! 

ज्ञानपुँज को है अभिनंदन

भारत-भू के कर्मयोगी

स्वामी जी शत-शत है वंदन।

अत्यल्प जीवन की समयावधि में

काम महान, विशिष्ट कर गए

कर्मठ, स्वतंत्र विचारक आप

वसुंधरा को धन्य कर गए।

जीवन सदा आदर्श रहेगा

कर्म रहेंगे प्रेरणास्रोत

आजादी के स्वप्नद्रष्टा

नवभारत के अग्रदूत

 सामंजस्य, शांति की वीर-साधक

बनकर अलख जगाई थी

देश- विदेश में घूम- घूम

समता, शिक्षा की तलब लगाई थी

कर्मयोगी, ज्योतिपुँज आलोक

भारत के नवनिर्मातावंदन

युवा पीढ़ी के भाग्य- विधाता

स्वामी जी शत-शत अभिनंदन.

  

रचयिता

गीता जोशी, 
सहायक अध्यापक,
राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय जैनौली, 
विकास खण्ड-ताड़ीखेत, 
जनपद-अल्मोड़ा,
उत्तराखण्ड।

Comments

  1. बहुत ख़ूब, साधुवाद प्रतिभा की धनी कवियत्री, शिक्षिका, चिंतक, गीता बहन को !

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