नववर्ष तुम्हारा स्वागत है
आशा, उम्मीदों, सपनों के
भावी विचारों, अभिलाषाओं के
मन में अनगिनत अरमान लिए
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है
यह दो हजार बीस जो बीता
त्रस्त इसमें थी सब जनता
पदचाप नूतन उमंगों की लिए
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है.
जिन्होंने थे अपने खोए
यत्र-तत्र जो बेबस रोए
उन सबका दर्द मिटाने को
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..
क्या- क्या लाए हो झोली में,
नैतिकता, आशा, ममता?
आतंक, रोग, भय हरने को
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है...
उषा की ऐसी आभा लाना
जगमग भू का हर कोना होवे
प्यार, सौहार्द, समता देने को
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है.
संग तुम्हारे हम सत्कर्मों से
पीड़ा का अंधियारा छँटे
सहयोग, प्रेम की डोर बाँधने
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..
आनंद, खुशी के पल लौटाना
जग को उन्नत-पथ दिखलाना
आरोग्य, कर्मठ, सुखी जीवन का अर्थ लिए
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..
रचयिता
गीता जोशी,
सहायक अध्यापक,
राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय जैनौली,
विकास खण्ड-ताड़ीखेत,
जनपद-अल्मोड़ा,
उत्तराखण्ड।

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