नया अध्याय

नव वर्ष की शुभ घड़ी का करो सत्कार।

दो पलट  पन्ना, लो खुशियाँ स्वीकार।।


करके बुलन्द नित्य नया सपना।

जीवन डगर में है आगे बढ़ना।।


ख्वाहिशों की खोल लो अब गठरी।

मुश्किलों को अब कर दो सकरी।।


प्रेम भाव भक्ति और विश्वास का।

जलाओ दीप, बुलंद हौंसलों का।।


पुराने दुखों की मटकी को तोड़ो।

उम्मीद के सपनों से नाता जोड़ो।।


करो पार मुश्किलों की चट्टान को।

कर लो पार आँधी और तूफान को।।


सुनों मित्र नववर्ष दो हजार इक्कीस।

मत दोहराना किस्सा ए दो हजार बीस।।


खुशहाली के सिक्कों से झोली भरना।

नही किसी महामारी से तुम डरना।।


रचनाकार
अंजनी अग्रवाल,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेमरुआ,
विकास खण्ड-सरसौल, 
जनपद-कानपुर नगर।



Comments

Total Pageviews