नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत है
आओ! नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत है,
भरो जगत में हर्ष, तुम्हारा स्वागत है।
प्रेम सुधा की वर्षा कर दो,
मन के राग द्वेष को हर दो।
पल-पल दो उत्कर्ष, तुम्हारा स्वागत है,
आओ! नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत है।।
कल कल गूँजें, यमुना गंगा,
फर फर फहरे, व्योम तिरंगा।
दीपित हों आदर्श, तुम्हारा स्वागत है,
आओ! नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत है।।
सबका पथ, सुगम निर्भय हो,
राष्ट्र धर्म की जय-जय-जय हो।
हों न कही संघर्ष, तुम्हारा स्वागत है,
आओ! नूतन वर्ष, तुम्हारा स्वागत है।।
रचयिता
डॉ0 प्रवीणा दीक्षित,
हिन्दी शिक्षिका,
के.जी.बी.वी. नगर क्षेत्र,
जनपद-कासगंज।

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