हरितालिका व्रत
एक रोज पहले व्रत करते शुरू,
खीरा खाकर सदा करते हैं शुरू।
प्रेम-भाव सदा अपने मन में धरें,
दिव्य भाव से शिवशक्ति पूजा करें।।
सुबह जलाशय में स्नान करें,
शिवशक्ति की आराधना करें।
शोडशो उपचार से पूजन करें,
हवन, ध्यान कर जागरण करें।।
फूल चढ़ाएँ, जल अर्पण करें,
सच्चे हृदय से वंदन करें।
माँ कहे — ये व्रत है महान,
पति का बढ़े सदा सम्मान।
हरितालिका व्रत का प्यारा दिन,
घर में रहता उल्लास भरा दिन,
सोलह श्रृंगार करके माताएँ,
शिव शक्ति के कीर्तन गाएँ।।
रचयिता
अंजू गुप्ता,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय खम्हौरा प्रथम,
विकास क्षेत्र-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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