लता मंगेशकर जी पुण्यतिथि

सुरों की मल्लिका थीं आप,

स्वर कोकिला थीं आप।

मंद मुग्ध करते गीत तुम्हारे,

हिन्दुस्तान के हृदय में बसतीं आप।।


आपके मधुर गुंजन से सुबह है होती,

पशु-पक्षी, सागर गीतों में है गूंजती।

अद्भुत सुर सरगम की रानी थीं आप 

संगीत साधिका तुम्हें दुनिया है कहती।।


मृदुभाषी, ममतामयी 'लता' था नाम,

'भारत रत्न' सर्वोच्च मिला सम्मान।

30 से ज्यादा भाषाओं में गीत गायीं, 

सिनेमा में पार्षद गायिका की पहचान।।


28 सितम्बर 1929 को जन्मीं, 

दीनानाथ मंगेशकर था पिता का नाम।

माता शेवन्ती मंगेशकर जी की पुत्री,

शास्त्रीय संगीत से ही मिली पहचान।। 


'नंगे पैरों' से ही गाना गाती थीं आप,

संगीत था आपके लिए ईश समान।।

6 बार फिल्म फेयर पुरस्कार पाईं, 

दादा साहब फाल्के मिला सम्मान।। 


6 फरवरी 2022 को छोड़ दिया देह, 

सदियों तक अमर रहेंगी गीतों की नेह। 

पुण्यतिथि पर करते हैं शत-शत प्रणाम,

शोकाकुल नयन बरसाते, तुम्हें अश्रु स्नेह।।


रचयिता

वन्दना यादव "गज़ल"
सहायक अध्यापक,

अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,

विकास खण्ड-डोभी, 
जनपद-जौनपुर।

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