आइवीआरआइ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने स्कूल में बनवा दिया इज्जतघर, प्राइमरी स्कूल की स्थिति बदलने के लिए किया कार्य

जागरण संवाददाता, बरेली : बिथरी चैनपुर ब्लॉक के फरीदापुर इनायत खां का प्राइमरी स्कूल। शिक्षा के इस मंदिर के स्टाफ और स्कूली बच्चों को कुछ समय पहले तक बदहाली की वजह से ग्रामीणों के घरों में बने शौचालय का इस्तेमाल करने जाना पड़ता था। आइवीआरआइ कृषि विज्ञान केंद्र की टीम को यह मालूम चला। बस फिर क्या था, वैज्ञानिकों ने महज रुपये से ही नहीं की बल्कि खुद श्रमदान भी किया। देखते ही देखते बदहाल शौचालय में टाइलयुक्त शीट लग गईं। दीवारों की चिनाई, लोहे के दरवाजे और पानी की व्यवस्था कर दी गई। इससे शौचालय ने वाकई इज्जतघर का रूप अख्तियार कर लिया है। जागरूक करने के दौरान सामने आया मामला : एक तरफ तमाम राजनेता और सक्षम लोग गांव को गोद लेने के बाद उसकी सुध ही नहीं लेते हैं। वहीं, आइवीआरआइ के वैज्ञानिकों ने गोद लिए ही स्कूल में बदहाली बदलने की ठानी। यह हुआ यूं कि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ग्रामीणों को आधुनिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए पहुंचे थे। यहां समस्या मालूम हुई तो सुधार किया।
सबमर्सिबल लगवाने के साथ रखवाए टैंक : महज शौचालय का शौचालय का जीर्णोद्धार ही नहीं बल्कि वैज्ञानिकों ने स्कूल में पानी की पुख्ता व्यवस्था भी की। इसके तहत पांच एचपी का सबमर्सिबल पंप, स्कूल की दो इमारतों पर 200 लीटर क्षमता के दो टैंक लगावाए। बालकों के मूत्रलय व शौचालय में 500 लीटर का वाटर टैंक और पाइप लाइन डलवाई।
शुरू कर दिया था कम पीना-खाना : प्राथमिक स्कूल में स्कूल स्टाफ के अलावा 250 स्कूली बच्चे थे। एक टीचर ने बताया कि स्कूल का शौचालय बदहाल होने के चलते रोज ग्रामीणों के घर जाने में शर्म आती थी। ऐसे में ड्यूटी के वक्त जरूरत भर का ही खाना-पानी लेते थे।’
यू-ट्यूब पर भी है बदलाव का वीडियो गांवों के साथ मिलकर स्कूल के शौचालय की तस्वीर बदली है। अभी स्कूल की पूरी बिल्डिंग और अन्य सुधार भी बाकी हैं। जल्द ही गांव की बदली सूरत नजर आएगी। बदहाल शौचालय से इज्जतनगर बनाए जाने की प्रक्रिया भी यू-ट्यूब के जरिए देखी जा सकती है। - डॉ.बीपी सिंह, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, आइवीआरआइशौचालय बनाने में श्रमदान करते वैज्ञानिक और बनाया गया इज्जतघर ’ जागरण
साभारः- दैनिक जागरण

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