सबको पढ़ाना है

देश में जितने अनपढ़,
  उन सबको पढ़ाना है।
सर्व शिक्षा अभियान को
अब सफल बनाना है।।

सुनो जनपद वासियों,
जागो और उठो सभी,
अब स्वच्छ और सुंदर,
रामपुर को बनाना है।।

बेटा हो या बेटी,
माता हो या बहनें।
अब ज्योति ज्ञान की,
हर दिल में जलाना है।।

हिन्दू हो या मुस्लिम,
सिख हो या ईसाई।
पढ़-लिखकर जात-पात के
भेद-भाव को मिटाना है।।

देश के अन्नदाता सुन,
तुझसे मैं यह कहता हूं।
पढ़-लिख ले तुझको तो
इस देश को चलाना है।।

मेरे दोस्तों तुमसे,
मेरी एक विनती है।
जा-जा के घर-घर में
एक-एक को पढ़ाना है।।

रचयिता
फरजंद अली, 
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय-मधुपुरी,
विकास खंड-स्वार, 
जनपद-रामपुर।

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