102/2026, बाल कहानी- 01 जुलाई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 102/2026
*01 जुलाई 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी- #छल
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महेश नामक युवक पक्षियों को पकड़ने का कार्य करता था। पक्षियों को पकड़कर वह बाजार में जाकर ऊँचे दामों में बेच देता था। गर्मियों का मौसम था। सभी इन्सान बेहाल थे और साथ ही पक्षियों का भी बुरा हाल था।
महेश पक्षियों को पकड़ नहीं पा रहा था इसलिए वह परेशान रहता था। महेश घर में आराम से लेटा हुआ था और तरकीब सोच रहा था कि किस प्रकार से पक्षियों को पकड़ा जाए। आखिरकार उसने एक तरकीब निकाली। महेश पास में लगे वृक्ष के पास गया। वहाँ पर उसने कुछ दाना डाला और एक रस्सी और तार उसमें फँसाकर चुपचाप छुपकर बैठ गया।
थोड़ी देर के बाद एक तोता दाना देखकर पेड़ से नीचे उतरकर दाना चुगने लगा। जैसे ही महेश ने देखा तो उसने रस्सी खींच दी और तोता उसमें फँस गया। तोता फड़फड़ाने लगा। वह तोते को ले जाकर पिंजरे में बन्द कर बेचने के बारे में सोचने लगा।
उसने अपनी मोटरसाइकिल निकाली और तोते को लेकर चल पड़ा।
रास्ते में जाते वक्त अचानक वह मोटरसाइकिल से गिर पड़ा। उसने देखा कि वह खुद ऊपर पेड़ से नीचे लटक रहे चाइनीस माँझे की चपेट में आ गया था। महेश महेश माझे में उलझकर बुरी तरह फँसकर घायल हो गया था। मोटरसाइकिल से गिरने की वजह से पिंजरे का लॉक खुल गया और तोता उड़ गया था। तोता खुले आसमान में उड़ गया था और महेश को लोग अस्पताल में ले गए।
जब महेश होश में आया और स्वस्थ होकर घर आया, तब उसे एहसास हुआ कि वह किस प्रकार पक्षियों को फँसाकर उनका जीवन बर्बाद करता है। उसे दिन महेश ने प्रण किया कि, "आज के बाद वह कभी भी किसी भी पक्षी को पकड़कर नहीं बेचेगा। सभी को अपनी जिन्दगी जीने का अधिकार है जो उसे ईश्वर ने प्रदान की है।" यदि महेश खुद माँझे में फँसकर न गिरता तो शायद उसे एहसास न होता। उसने हाथ जोड़कर मन ही मन सभी पक्षियों से माफी माँगी और इनके लिए कुछ और कार्य करने का प्रण किया, जिससे उसे कुछ दुआएँ मिल सकें।
#संस्कार_सन्देश-
"जैसा करोगे, वैसा भरोगे।"
इसलिए सबके भले की कामना करो तो तुम्हारा भी भला होगा।
कहानीकार-
#शालिनी (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय - कूँड़।
विकास क्षेत्र- करहल
जनपद -मैनपुरी (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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