गर्मी की छुट्टी
हर साल गर्मी की छुट्टियाँ आ जाती हैं,
जो छोटे बच्चों को बहुत लुभाती है।
नानी के घर जाकर खेल में हो जाते हैं मशगूल,
स्कूल के होमवर्क की फिर याद नहीं आती है।
हिल स्टेशन जाने का प्लान बनाते हैं,
क्योंकि जेठ की गर्मी किसी को नहीं भाती है।
दादी के घर आम का अचार चटकारे लेकर खाते हैं,
चाउमीन, पिज्जा और बर्गर की याद नहीं सताती है।
समर कैंप और वाटर गेम बच्चों को भाते हैं,
आइसक्रीम व कुल्फी खा कर जान आ जाती है।
गर्मी की छुट्टियों में बच्चे बहुत कुछ सीखते हैं,
आर्ट, क्राफ्ट, कला और संगीत सिखाती हैं।
जब खुलते हैं स्कूल और छुट्टी खत्म हो जाती है,
तब छुट्टी में बिताई मस्तियाँ बहुत रुलाती हैं।
रचयिता
संगीता गौतम जयाश्री,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐमा,
विकास खण्ड-सरसौल,
जनपद-कानपुर नगर।
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