चैतन्य महाप्रभु
18 फरवरी 1486 को चैतन्य महाप्रभु का जन्म हुआ।
फाल्गुन पूर्णिमा पुण्य तिथि पर प्रभु का उदय हुआ।।
मायापुर के सिंह लग्न में प्रभु जन्मे।
वैष्णव धर्म के परम प्रचारक बने।।
माता का नाम शची देवी, पिता का नाम जगन्नाथ मिश्र था।
बाल्यावस्था में इनका नाम विशंभर था।।
निमाई विलक्षण प्रतिभा के संपन्न थे।
हृदय से सरल मधुर भावुक थे।।
न्याय व्याकरण में पारंगत थे।
नदिया स्कूल में अध्यापन का कार्य किये थे।।
भजन गायकी में नई शैली का जन्म दिया।
हिंदू मुस्लिम की एकता पर बल दिया।।
विलुप्त वृदांवन को फिर से बसाया।
अट्ठारह कीर्तन महामंत्र का अलख जगाया।।
भगवद चिंतन में राम कृष्ण की स्तुति गाये।
कण्टक पथ जीवन में अपनाये।।
अचेतन मन मे चेतना जगाये।
चैतन्य महाप्रभु कहलाये।।
रचयिता
सुमन कुशवाहा,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर,
विकास खण्ड-नेवादा,
जनपद-कौशाम्बी।

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