सरस्वती वंदना
तम हर ज्ञान प्रकाश दिखाए करे सदा उपकार,
हे वीणावादिनी नमन है बारम्बार|
धन्य भाग्य हों जिसे तेरा आशीष मिले,
अंधकार हो दूर ज्ञान के चक्षु खुलें,
स्वर साधना करें हमेशा गाएँ जयजयकार|
हे वीणावादिनी नमन है बारम्बार||
धवल वस्त्रा मन में उज्ज्वल भाव भरो,
ज्ञानदायिनी इस मन का अज्ञान हरो,
विद्या का वरदान दो मैया, कर दो बेड़ापार|
हे वीणावादिनी नमन है बारम्बार||
श्रद्धा के ये भाव करें मन से अर्पण,
माँ शारदे हो जाओ हम पर प्रसन्न,
आ जाओ माँ इस वाणी में, हृदय ये करे पुकार|
हे वीणावादिनी नमन है बारम्बार||
मन की शुद्धि हो जाए माँ दो बुद्धि,
कपट मार्ग से बचें सदा दो सदबुद्धि,
चरण वंदना करें, अर्चना करो इसे स्वीकार|
हे वीणावादिनी नमन है बारम्बार||

धन्यवाद मिशन शिक्षण संवाद
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