५०९~ रवि शंकर प्रा०वि० जामिरा ब्लॉक - मऊ, जनपद - चित्रकूट राज्य - उ०प्र०

               🏅#अनमोल_रत्न🏅


मित्रों आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से भगवान कामतानाथ की पावन भूमि चित्रकूट से अनमोल रत्न शिक्षक सहयोगी भाई रवि शंकर जी से करा रहे हैं जिन्होंने अपनी सकारात्मक सोच और व्यवहार कुशलता से बेसिक शिक्षा को समाज के बीच पहुँचाकर, जन-सहभागिता एवं सामाजिक विश्वास की अनूठी मिसाल कायम की है।

जहाँ एक ओर आज बेसिक शिक्षा में सामाजिक सहभागिता की संजीवनी के लिए हम जैसे हजारों शिक्षक साथी सतत प्रयासरत रहने के बावजूद भी विभिन्न सामाजिक विषमताओं और स्थानीय परिस्थितियों के कारण सफलता का संघर्ष जारी है। वहीं आपके प्रेरक प्रयासों से न सिर्फ विद्यालय में नामांकन जैसी स्थिति में सफलता प्राप्त हुई है बल्कि सामाजिक विश्वास के माध्यम से विद्यालय के परिवेश को भी आकर्षक एवं हरा-भरा बनाने में सफलता प्राप्त हुई है।  मिशन शिक्षण संवाद परिवार आपके प्रेरक एवं अनुकरणीय प्रयासों को सादर नमन करता है।। 



आइये देखते हैं आपके द्वारा किए गये कुछ प्रेरक और अनुकरणीय प्रयासों को :-

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👉1- शिक्षक परिचय :-
रवि शंकर प्रा०वि० जामिरा
ब्लॉक - मऊ, जनपद - चित्रकूट
राज्य - उ०प्र०
प्रथम नियुक्ति- 11/02/2009
वर्तमान विद्यालय में नियुक्ति- 17/12/2014
👉2- विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने के लिए प्रयास
🔷️A- स्वयं के प्रयास:
🔸️1- जब मैंने विद्यालय का कार्यभार ग्रहण किया तो विद्यालय तीन कमरों में सिमटा हुआ था शेष कमरों के दरवाजे खिड़कियां टूटे हुए थे। बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त थी मैंने अपने व्यक्तिगत प्रयास से उनकी मरम्मत कराई और रंगाई-पुताई कराकर सभी कमरों में कक्षाएं संचालित करवाई।
🔸️2- विद्यालय के विकास के लिए समुदाय का सहयोग आवश्यक होता है क्योंकि मेरा विद्यालय ऐसी जगह स्थिति है जहाँ अधिकतर आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं और उनमें शिक्षा के प्रति सोच बहुत अच्छी नहीं है। ऐसे में मैंने समुदाय के बीच निरंतर संवाद स्थापित किया जिसका प्रतिफल रहा कि विद्यालय के प्रति सोच बदली और समुदाय से सहयोग मिलना प्रारम्भ हुआ, साथ ही दूसरे जगह के बच्चे भी विद्यालय से जुड़ने लगे।
🔸️3-विद्यालय समय से एक घंटे पूर्व समुदाय में प्रतिदिन भ्रमण जिससे छात्र उपस्थिति में बहुत सुधार हुआ।
🔸️4- बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था स्वयं के प्रयास से किया।
🔸️5- विद्यालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण कराया। जिसमें 50 पेड़ों के अमरूद के बाग के अलावा, आम, अनार, कटहल, सहजन, बेल, सरीफा, आँवला, संतरा, लौंग बड़हर आदि के पौधे लगाए साथ ही फूलों की क्यारियों का निर्माण व्यक्तिगत प्रयास से करवाया। जिससे विद्यालय परिसर सुंदर और सजीव लगने लगा।
🔷️B- अन्य शिक्षकों के सहयोग-
   मेरे विद्यालय में मेरे अतिरिक्त तीन सहायक अध्यापक हैं जिनका पूरा सहयोग मिलता है चाहे वह शिक्षण कार्य हो या पाठ्यसहगामी क्रियाएं या कोई आयोजन पूरा सहयोग रहता है, चाहे कोई नवाचार हो या विद्यालय द्वारा अपनाई गई कोई नई प्रक्रिया।
🔷️C-  जनप्रतिनिधियो के सहयोग से-
       जनप्रतिनिधियों के विद्यालय भ्रमण से व सकारात्मक प्रतिपुष्टि से विद्यालय की समुदाय में सकारात्मक छवि बनी है।
🔷️D- शासन के सहयोग से-
विद्यालय के कक्षा- कक्षों में टाइल्स, इंटरलॉकिंग, आर.ओ. सिस्टम व सोलर सबमर्सिबल
🔷️E- जनसहभागिता से-
विद्यालय में वृक्षारोपण व उनकी सुरक्षा में जनसहभागिता।
🔹️F- अन्य सहयोग-
     चाइल्ड फण्ड संस्था के सहयोग से विद्यालय में स्मार्ट क्लास, सोलर इनवर्टर की व्यवस्था हुई।












👉(3) - किये गए प्रयासों का परिणाम-
🥀A- हमारा पूरा प्रयास रहा कि बच्चे की शैक्षिक प्रगति होगी तो वही हमारा प्रतिनिधि होगा जिसके फलस्वरूप प्रयास के पूर्व जो नामांकन 176 था वर्तमान में 277 है।
🥀B- वर्तमान उपस्थिति प्रतिशत 78%
🥀C- प्रतियोगिताओं में सफल छात्रों की संख्या-
         विद्यालय के कई छात्र- छात्राओं का चयन आश्रम पद्धति विद्यालय में हुआ है।
👉4- विद्यार्थियों की उपलब्धियां-
🏅A- विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त पुरस्कार विवरण- विद्यार्थियों द्वारा कई मंचों पर पुरस्कार प्राप्त किये गए हैं जिनमें चाइल्ड फण्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों ने चित्रकला, कहानी व सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त किये हैं।
🏅B- विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का विवरण-
   मेरे विद्यालय में छात्रों द्वारा लर्निंग आउटकम की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा 80% बच्चे A+ ग्रेड से पास हुए।
🏅C- विद्यार्थियों की अन्य उपलब्धियां-
      बच्चों का विद्यालय के कार्यक्रमों में शानदार प्रदर्शन रहा साथ ही मिशन शक्ति के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक तथा अन्य जागरूकता अभियानों में प्रतिभाग किया।



👉5- विद्यालय की प्रेरक शिक्षण,सांस्कृतिक, सामाजिक एवं खेलकूद गतिविधियां-
शैक्षिक गुणवत्त्ता के साथ- साथ विद्यालयों में अन्य गतिविधियों को भी शामिल किया गया है सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समय- समय पर आयोजन नाटक, गीत, संगीत, कला, रंगोली, निबंध-लेखन, सुलेख, वाद-विवाद, पोस्टर निर्माण आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन।
*बच्चों को जागरूकता अभियानों में प्रतिभाग कराना।
* रीडिंग मेला का प्रतिवर्ष आयोजन कराना जिसमें बच्चों को कहानी पढ़ना, लिखना, रोलप्ले, म्यूजिकल बुक जैसी गतिविधियाँ कराना।
* वर्तमान में बच्चों की ऑनलाइन क्लास चलाना, read along, deeksha app से बच्चों को जोड़ना।
*वर्तमान में मोहल्ला कक्षाएं इस प्रकार संचालित कराना की सभी बच्चे लाभान्वित हो पाए।
*बच्चों की सायंकालीन कक्षाएं चलवाना।
*आई०सी०टी का प्रयोग बच्चों के शैक्षिक स्तर को बढ़ाने के लिए।
*सक्रिय बाल संसद
* मीना मंच का सक्रिय संचालन।
*रीडिंग कार्नर व लाइब्रेरी का उपयोग।
* खेल व योग पर विशेष जोर।








👉6-शिक्षकों का नवाचार -
🔸️A-(1) कक्षा शिक्षण को मनोरंजक और रुचिकर बनाने के लिए आई सी टी का प्रयोग
🔸️(2) अभिभावकों का एक व्हाट्सएप्प ग्रुप जिसमें विद्यालय व छात्रों की गतिविधियों को साझा किया जाता है।
🔸️(3) स्टूडेंट ऑफ द डे- इसके अंतर्गत प्रतिदिन प्रार्थना के समय प्रत्येक कक्षा से सबसे सुव्यवस्थित और साफ- सुथरे छात्र का चयन व सभी बच्चों के बीच सम्मान किया जाता है।
🔸️(4) सुपर मॉम- माह में सबसे अधिक बार स्टूडेंड ऑफ द डे होने वाले छात्र की माता को सुपर मॉम नाम से सम्मानित किया जाता है।
🔸️(5) विद्यादान- इसके अंतर्गत भूतपूर्व छात्रों का एक समूह बनाया गया है जो स्वेच्छा से सायंकालीन कक्षाएं चलाते हैं तथा विद्यालय के अन्य कार्यों में स्वेच्छा से सहयोग देते हैं।
🔸️(6) मोबाइल लाइब्रेरी- कोरोना काल में  मोबाइल लाइब्ररी हमारा एक ऐसा नवाचार है जिसमें हम अपनी स्कूल लाइब्रेरी को बच्चों के बीच ले जाते हैं बच्चे अपनी पसंद की किताबें लेते है और दो दिन बाद वापस ली जाती हैं तथा उन्हें पढ़ी गई कहानी को सुनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।




🏅B- शिक्षकों के विभिन्न सम्मानों एवं पुरस्कारों के विवरण-
सन 2016 में जिलाधिकारी महोदय द्वारा शिक्षक सम्मान
🏅C- शिक्षकों की अन्य उपलब्धियां-
    शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार हेतु प्रशस्ति पत्र।


👉7- मिशन शिक्षण संवाद के लिए संदेश-
      मिशन शिक्षण संवाद एक ऐसा मंच है जिसने सभी शिक्षकों को अपनी योग्यता को निखारने के अवसर प्रदान किया है जो कि शायद ही मिशन शिक्षण संवाद के पूर्व में था, मिशन शिक्षण संवाद ऐसे ही हम शिक्षकों को कुछ नया करने के लिए प्रेरित करता रहे।
8- शिक्षक समाज के लिये संदेश-
                   शिक्षक समाज में सदैव सम्मान पाता रहा है। बस आवश्यकता है कि हम सकारत्मक सोंच रखें और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

संकलन एवं सहयोग-
राजकुमार शर्मा/ साकेत बिहारी शुक्ल
टीम मिशन शिक्षण संवाद-चित्रकूट

नोट : मिशन शिक्षण संवाद में सहयोग और सुझाव के लिए वाट्सअप नम्बर - 9458278429 पर लिखें✍🏽🙏
दिनांक: 02-01-2021





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