बेसिक के हर स्कूल में

बेसिक के हर स्कूल में, सुंदर सब परिवेश।

आओ बच्चों प्रेम से, लेने  तुरत प्रवेश।।


पुस्तक मिलती मुफ्त में, मिलता समुचित अर्थ।

लो प्रवेश आकर यहीं, तजकर शंका व्यर्थ।।


चित्र चार्ट के साथ ही, मिलें विविध बहु रंग।

पढ़ लिख कर के खेलिए, अपने मित्रों संग।।


शासन इच्छा है यही, पढ़े-लिखे हर बाल।

सुविधा देती हर उचित, लेकर शिक्षा थाल।।


शिक्षक सारे हैं गुणी, देते समुचित ज्ञान।

पढ़े बढ़े हर बाल ही, रचते उचित विधान।।


गतिविधि शिक्षण दे उचित, भरें तूलिका रंग।

समझाते हर छात्र को, समझे जिस भी ढंग।।


सत शिक्षण के साथ ही, परखें तत व्यवहार।

हित अनहित की दे समझ, बदलें सोच विचार।।


देखकर प्रतिभा बाल की, देते ध्यान विशेष।

कर्म यथोचित कर सदा, रचें ज्ञान परिवेश।


बालक हित में देखते, अपना सुखद भविष्य।

चाहें अंतस में यही, शिखर छुए हर शिष्य।।


मूल कर्म के साथ ही, करें बहुत से काज।

सोच सदा रखते यही, सुंदर बने समाज।।


रचयिता
ओम प्रकाश श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक, 
प्राथमिक विद्यालय उदयापुर, 
विकास खण्ड-भीतरगाँव,
जनपद-कानपुर नगर।


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