अंतरराष्ट्रीय गुलाब दिवस

रोग नहीं कोई किसी को सुख देता,

इसके साथ जीवन न पनपता।

दिनरैन चिंता बस यही सताए,

सुकून देने को यह दिवस मनाया जाता।।


12 साल की मेलिंडा की याद में मनाएँ,

घातक बीमारी से वह लड़ती जाए।

साँसों की रफ्तार उसकी घटती जाए,

जिजीविषा में मेलिंडा 6 माह जी जाए।।


गुलाब प्रतीक है कोमलता प्यार का,

और प्रतीक है प्यार परवाह का।

रोगों में होती मानसिक शारीरिक पीड़ा,

खुश रखना कर्तव्य है हम सबका।।


आशा की किरण माने हैं गुलाब,

काँटों में खिलकर संबल देते हैं गुलाब।

22 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय गुलाब दिवस मनाते,

ताजगी, स्फूर्ति का पर्याय है गुलाब।।


जागरूकता बढ़ाने को इसका प्रावधान,

कैंसर पीड़ितों में बदलाव का विधान।

असामान्य कोशिकाएँ बढ़ने से है समस्या,

पुरानी कोशिका के अनियंत्रित होने से नुकसान।।


मेलिंडा के परिवार ने शुरू की वेबसाइट,

"कैंसर किड्स" के नाम से काम की शुरुआत।

प्यारी बच्ची ने कविता, पत्र लिखे बढ़ाया हौसला,

परिस्थिति से सामंजस्य बैठाए रहो संतुष्ट।।


रचयिता
नम्रता श्रीवास्तव,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बड़ेह स्योढ़ा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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