अनुकरणीय आदर्श, आदर्णीय कुँवरसेन जी, पू०मा०वि० हर रायपुर, बदायूँ

★अनुकरणीय आदर्श★

मित्रों आज हम आपको बेसिक शिक्षा के आदर्श और हम सबके अनुकरणीय अनमोल रत्न शिक्षक भाई कुँवरसेन जी के विद्यालय की कुछ झलकियाँ  दिखा रहे हैं।

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बेसिक शिक्षा में राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक तो बहुत सुने गये लेकिन उनमें से सम्मान प्राप्त करने के बाद शायद बेसिक शिक्षा के काम आने वाले मात्र कुछ ही आदर्णीय शिक्षक दिखाई दिये। उनमें से एक आप है आदर्णीय कुँवरसेन जी, जिन्होंने राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने को संतृप्त न मानते हुए लगातार बेसिक शिक्षा को नयी दिशा देने का सतत प्रयास जारी रखा। जिसकी कुछ लगातार बदलती झलकियाँ और उपलब्धियाँ आपके सामने हैं। आपने अपनी अनुकरणीय गतिविधियों को केवल अपने विद्यालय तक सीमित न रख कर पूरा जनपद बदायूँ से होते हुए हम सब को भी समय- समय पर मार्गदर्शन प्राप्त कराते रहते हैं।

हमें यह कहने में कतई अतिशयोक्ति नहीं लगता है कि यदि सम्पूर्ण जीवित राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक एक होकर आदर्णीय कुँवरसेन जैसे बेसिक शिक्षा को समर्पित हो गये होते तो बेसिक शिक्षा में नकारात्मक सोच के साथ उंगली उठाने वाला कोई नहीं मिलता। परन्तु अभी तक के परिणाम से तो निराशा ही अधिक मिली। क्योंकि सम्मान प्राप्त करने वाले कुछ आदर्णीय बेसिक शिक्षा से ऊपर होकर, बेसिक शिक्षा की बात करना ही भूल जाते हैं।

यदि हमारी उक्त बात किसी राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त आदर्णीय को अनुचित लगी हों। तो हम उनसे क्षमा चाहेंगे। साथ ही हम उन से निवेदन करेंगे, कि वर्तमान बेसिक शिक्षा पर आप सब आदर्णीय अपनी सकारात्मक सोच की शक्ति से बेसिक शिक्षा को संगठित होकर सकारात्मक सोच मय बनाने में सहयोग करें।
क्योंकि जब तक बेसिक शिक्षा सम्मानित नहीं होती है तब तक सभी सम्मान अधूरे से लगते हैं।

आओ हम सब व्यक्तिगत से होते हुए बेसिक शिक्षा के उत्थान की ओर चलें। क्योंकि जब होगा शिक्षा का उत्थान तभी मिलेगा शिक्षक को सम्मान।

विमल कुमार
मिशन शिक्षण संवाद

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