हमारे अनोखे साथी : बाल कविता

मोटू हाथी देह विशाल 🐘
मन मोहे मस्तानी चाल

जो लड़ता हो जाता ढेर 👑
जंगल का राजा है शेर  🦁

देख भयानक काला साँप 🐍
अच्छे-अच्छे जाते काँप 😲

रंग-बिरंगी सुन्दर तितली 🦋
सबका चित्त चुराने निकली

काले-काले बदरा घोर ☁
पंख सजाकर नाचे मोर 🍀

लम्बी गर्दन लम्बे पैर
ऊँट कराये रेत पे सैर 🐪

काला कौआ चतुर सुजान
काली कोयल मीठी तान 🎶

बड़े शौक से मिर्ची खाता
तोता रट्टा खूब लगाता 🐤

बेहद कोमल गुदगुदा
खरगोश पे सब फ़िदा 🐇

है मानों मासूम परी
नन्ही-प्यारी गिलहरी 🐿

सीधा, शांत, निरन्तर काम
फिर भी गधा बड़ा बदनाम 😔

खौं-खौं करके नकल उतारे
बन्दर मामा सबसे न्यारे 🐒

चीते से मत लेना होड़ 🐆
सबसे तेज लगाता दौड़

नन्ही चींटी बड़ी मेहनती 🐜
आलस क्या है, नहीं जानती

मित्र किसानों का कहलाता 🤝
केंचुआ मिट्टी खाद बनाता

वीर-योद्धा करते यारी
घोड़ा सबसे शान सवारी 🎠

बिन पैसे का चौकीदार
कुत्ता बेहद वफादार 🐕

दूध जैसी श्वेत काया
हंस ने मन स्वच्छ पाया ☁

सीधी-सच्ची मेरी गइया 🐄
इतनी अच्छी जैसे मइया

इनको भी है खुद से प्यार  💕
कभी न इन पर करो प्रहार।।

रचनाकार
प्रशान्त अग्रवाल
सहायक अध्यापक
प्राथमिक विद्यालय डहिया
विकास क्षेत्र फतेहगंज पश्चिमी
ज़िला बरेली (उ.प्र.)



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